चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: यह मामला कंपनी कानून के एक महत्वपूर्ण नियम के उल्लंघन से जुड़ा है। चंडीगढ़ के कंपनी रजिस्ट्रार (ROC) ने एक निदेशक पर एक से अधिक 'डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर' (DIN) रखने के कारण जुर्माना लगाया है।
इस मामले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
कानून के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के पास केवल एक ही DIN होना चाहिए। राज शर्मा नामक निदेशक ने पहला DIN 2012 में लिया था, लेकिन गलती से अप्रैल 2023 में दूसरा DIN भी प्राप्त कर लिया। हालांकि उन्होंने दावा किया कि यह गलती अनजाने में हुई थी और इससे किसी को कोई नुकसान नहीं पहुँचा, लेकिन कानून की नजर में यह एक गंभीर प्रक्रियात्मक चूक है।
अपनी गलती का पता चलते ही राज शर्मा ने सुधार के लिए कदम उठाए। उन्होंने 8 नवंबर 2024 को ई-फॉर्म DIR-5 के माध्यम से दूसरा DIN सरेंडर करने के लिए आवेदन किया। इसके साथ ही, उन्होंने धारा 454 के तहत अपनी गलती स्वीकार करते हुए राहत की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि उन्होंने खुद ही इस गलती को उजागर किया है और इसे सुधारने की कोशिश की है।
ROC ने मामले की जांच के बाद पाया कि भले ही यह गलती जानबूझकर नहीं की गई थी, लेकिन एक से अधिक DIN रखना कानून का उल्लंघन है। इसके लिए राज शर्मा को जिम्मेदार ठहराया गया और उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह जुर्माना ऑनलाइन "e-Adjudication" पोर्टल के माध्यम से भरने का निर्देश दिया गया है।
निदेशक के पास इस आदेश के खिलाफ 60 दिनों के भीतर रीजनल डायरेक्टर (RD, चंडीगढ़) के पास अपील करने का विकल्प है। यदि तय समय सीमा के भीतर जुर्माने का भुगतान नहीं किया जाता है, तो भविष्य में और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला सभी कॉरपोरेट निदेशकों के लिए एक सबक है कि वे अपने वैधानिक दस्तावेजों के प्रति सतर्क रहें।