चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर की विरासत से जुड़ी ऐतिहासिक फर्नीचर वस्तुओं की पेरिस में प्रस्तावित नीलामी को रोकने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। प्रशासन ने इन वस्तुओं को वापस भारत लाने और उनकी बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए भी केंद्र सरकार से सहयोग मांगा है। यह नीलामी गुरुवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित होने वाली है।
प्रशासन के अनुसार, नीलामी के लिए रखी गई दो फर्नीचर वस्तुओं पर “PU Chem/55” और “PGI/W/CH-020” जैसे इन्वेंट्री मार्किंग मिले हैं, जो क्रमशः पंजाब यूनिवर्सिटी और पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ से जुड़े होने का संकेत देते हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि इन वस्तुओं को बिना अनुमति उनके मूल संस्थानों से हटाकर विदेश भेजा गया। मामले को गंभीर मानते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने चोरी, अवैध निर्यात, बिक्री और तस्करी से जुड़े आरोपों में दो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने पत्र में कहा है कि यह फर्नीचर शहर की आधुनिक वास्तुकला विरासत और प्रसिद्ध वास्तुकार ली कोर्बुज़िए तथा उनके सहयोगी पियरे जेनरे के मूल दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चंडीगढ़ का कैपिटल कॉम्प्लेक्स यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है, इसलिए इससे जुड़ी मूल वस्तुओं का संरक्षण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जाता है।
हाल के वर्षों में चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े कई फर्नीचर विदेशों में नीलाम किए जा चुके हैं। जून में अमेरिका में सात वस्तुएं करीब 1.32 करोड़ रुपये में बिकी थीं, जबकि ब्रुसेल्स, मिलान और ब्रिटेन में भी कई ऐतिहासिक फर्नीचर की नीलामी हुई। प्रशासन ने विदेश मंत्रालय से फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर नीलामी पर रोक लगाने, वस्तुओं की जांच कराने और उन्हें भारत वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।