चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक Sukhpal Singh Khaira (सुखपाल सिंह खैरा) ने मुख्यमंत्री Bhagwant Mann (भगवंत मान) के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावे को पूरी तरह दिखावा और भ्रम फैलाने वाला बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायत के बावजूद सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
खैरा ने बताया कि नडाला के बीडीपीओ कुलविंदर रंधावा के खिलाफ 4 मार्च को विजिलेंस ब्यूरो के मुख्य निदेशक को औपचारिक शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि यह मामला सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। खैरा के अनुसार, रंधावा पहले भी दो बार निलंबित हो चुके हैं और विजिलेंस ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमलोह से आम आदमी पार्टी के विधायक Garry Warring (गैरी वारिंग) ने 2024 में 40 लाख रुपये के घोटाले में रंधावा को निलंबित और गिरफ्तार करवाया था। वहीं खन्ना से विधायक Taranpreet Singh Sond (तरनप्रीत सिंह सोंद) ने 2023 में 60 लाख रुपये के एक अन्य घोटाले का खुलासा किया था, जिसके बाद भी अधिकारी पर कार्रवाई हुई थी।
खैरा ने दावा किया कि बाद में मंत्री बनने के बाद तरनप्रीत सिंह सोंद ने ही संबंधित अधिकारी की दोबारा बहाली करवाई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यही मुख्यमंत्री भगवंत मान का ‘जीरो टॉलरेंस’ है, जिसकी बात वे लगातार करते हैं।