चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को अपनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। यह कदम हाल ही में जारी ‘नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर, 2026’ के बाद उठाया गया है, जिसके तहत घरों को नोटिस मिलने के तीन महीने के भीतर PNG में शिफ्ट होना अनिवार्य होगा, अन्यथा LPG सिलेंडर की आपूर्ति बंद की जा सकती है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के चलते ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता के बीच यह निर्णय लिया गया है।
भारत अपनी लगभग 60% LPG जरूरतों का आयात करता है और इसमें से करीब 90% सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आती है। मौजूदा वैश्विक हालात ने कुकिंग फ्यूल की उपलब्धता को लेकर आशंकाएं बढ़ा दी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन PNG को एक सुरक्षित और स्थायी विकल्प के रूप में बढ़ावा दे रहा है।
इंडियन ऑयल-अडानी गैस प्राइवेट लिमिटेड ने नवंबर 2016 में शहर में PNG की शुरुआत की थी और अब तक शहर के कई सेक्टर्स—32 से 38, 40 से 51, इंडस्ट्रियल एरिया, फेज 1 और 2, तथा मनीमाजरा—में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जो करीब 30% क्षेत्र को कवर करती है। इसके बावजूद अब तक केवल लगभग 22,000 घरों ने PNG अपनाया है, जबकि LPG कनेक्शनों की संख्या 3.08 लाख के करीब है।
प्रशासन अब इस अंतर को कम करने के लिए डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान और ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में रजिस्ट्रेशन कैंप आयोजित करेगा। डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि जहां पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां एक सप्ताह के भीतर PNG कनेक्शन दिए जाएं। साथ ही, होटल और रेस्टोरेंट जैसे कमर्शियल सेक्टर को भी PNG अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि PNG न केवल सुरक्षित और किफायती है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प है।