चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में नगर निगम और क्रेस्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच तेज हो गई है। पुलिस इस मामले में लगातार छापेमारी कर रही है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की अकाउंट अफसर नलिनी मलिक को पकड़ने के लिए पुलिस ने करनाल में छापा मारा। हालांकि, वह वहां से फरार मिली। पुलिस को आशंका है कि वह किसी रिश्तेदार के घर छिपी हुई थी, जिसके चलते आसपास के इलाकों में पूछताछ भी की गई।
यह कार्रवाई IDFC First Bank से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले के सिलसिले में की जा रही है। जांच में नगर निगम में 116.84 करोड़ रुपये की फर्जी एफडी और क्रेस्ट में करीब 75.16 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई है, जिसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
पुलिस के अनुसार, प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपियों से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच में कुछ बड़े अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिन पर फर्जी कंपनियों और बैंक खातों के जरिए सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है। फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।