चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ ने आर्थिक समृद्धि के मामले में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। वर्ष 2023-24 में शहर की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 4,53,457 रुपये हो गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। यह आंकड़ा न केवल चंडीगढ़ की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का प्रतीक है, बल्कि यह इसे देश के सबसे समृद्ध क्षेत्रों की कतार में सबसे आगे खड़ा करता है।
चंडीगढ़ की यह आर्थिक छलांग पड़ोसी राज्यों, पंजाब और हरियाणा के मुकाबले काफी बड़ी है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि चंडीगढ़ की प्रति व्यक्ति आय पंजाब से लगभग 121 प्रतिशत और हरियाणा से 42 प्रतिशत अधिक है। इतना ही नहीं, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक रूप से विकसित राज्यों को भी चंडीगढ़ ने इस मामले में पीछे छोड़ दिया है, जो शहर की बढ़ती उत्पादकता और बेहतर आय वितरण को रेखांकित करता है।
शहर की इस आर्थिक सफलता के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक जिम्मेदार हैं। चंडीगढ़ एक योजनाबद्ध शहर होने के साथ-साथ आईटी, सेवा क्षेत्र और उच्च सरकारी व निजी नौकरियों का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहाँ का शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचा अत्यंत सुदृढ़ है, जो कुशल कार्यबल को आकर्षित करता है। बुनियादी ढांचे की मजबूती और बेहतर जीवन स्तर ने निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार किया है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
इस बढ़ती आय का सीधा सकारात्मक प्रभाव नागरिकों के जीवन स्तर पर दिखाई दे रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र विभाग की चेयरपर्सन प्रोफेसर स्मिता शर्मा के अनुसार, उच्च आय ने लोगों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को बढ़ाया है। अब नागरिक न केवल बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बना पा रहे हैं, बल्कि उनकी जीवनशैली में भी आधुनिकता और पौष्टिक भोजन का समावेश हुआ है। यह बढ़ी हुई खपत अंततः अर्थव्यवस्था के पहिये को और गति प्रदान कर रही है।