चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: प्रसिद्ध लेखिका और एक्टिविस्ट मधु किश्वर के खिलाफ चंडीगढ़ में दर्ज भ्रामक वीडियो मामले में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। चंडीगढ़ पुलिस ने 22 अप्रैल को पेश न होने पर अब उन्हें दूसरा नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 25 अप्रैल को चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
मामले के मुख्य बिंदु:
एफआईआर और आरोप: यह मामला 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री से जोड़कर सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक कथित फर्जी और भ्रामक वीडियो से संबंधित है। आरोप है कि मधु किश्वर ने इस वीडियो को रीपोस्ट किया, जिसमें अश्लील और भ्रामक शब्दों का प्रयोग कर एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई।
पुलिस की कार्रवाई: चंडीगढ़ पुलिस की एक टीम दिल्ली में मधु किश्वर के आवास पर नोटिस देने पहुंची। पुलिस का कहना है कि यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है।
मधु किश्वर का पक्ष: लेखिका ने पुलिस टीम पर एफआईआर की कॉपी न देने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि वह जांच में सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें अभी तक यह नहीं बताया गया कि एफआईआर में उनके खिलाफ सटीक आरोप क्या हैं। उन्होंने सूर्यास्त के बाद पुलिस के आने पर भी कानूनी आपत्ति जताई।
दंपति का बयान: वीडियो में दिख रहे दंपति ने चंडीगढ़ पुलिस के सामने पेश होकर जांच (Investigation) ज्वाइन कर ली है। चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
आगे क्या होगा?
पुलिस के अनुसार, यदि मधु किश्वर 25 अप्रैल को भी पेश नहीं होती हैं, तो विभाग नियमानुसार आगे की कठोर कार्रवाई कर सकता है। फिलहाल, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस फर्जी वीडियो को तैयार करने और वायरल करने के पीछे मुख्य उद्देश्य और किन-किन लोगों की भूमिका थी।