चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: शहर में एक अप्रैल से लागू होने वाले नए कलेक्टर रेट को लेकर प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके बाद प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाना महंगा हो जाएगा। नए रेट में रिहायशी, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और कृषि भूमि की कीमतों में 10 से 22 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इससे स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क भी बढ़ेंगे, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
जारी किए गए नए दरों के अनुसार, शहर के प्रमुख सेक्टरों में जमीन की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सेक्टर-1 से 12 में रिहायशी जमीन का कलेक्टर रेट अब 2,37,900 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है, जो पहले 1,78,600 रुपये था। वहीं सेक्टर-14 से 37 के लिए यह दर 1,81,300 रुपये प्रति वर्ग गज और सेक्टर-38 व उससे आगे के क्षेत्रों में 1,33,200 रुपये प्रति वर्ग गज तय की गई है। इस बढ़ोतरी का असर बाजार भाव पर भी देखने को मिलेगा।
प्रशासन ने सबसे अधिक बढ़ोतरी कृषि योग्य भूमि के रेट में की है। साथ ही हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट्स और मकानों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। फ्लैट्स के लिए ग्राउंड फ्लोर पर 11,000 रुपये प्रति वर्ग फुट, पहली मंजिल पर 9,000 रुपये, दूसरी मंजिल पर 8,000 रुपये और तीसरी मंजिल से ऊपर 7,200 रुपये प्रति वर्ग फुट तय किया गया है। वहीं इंडस्ट्रियल भवनों और सोसाइटी फ्लैट्स के लिए भी अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं।
कमर्शियल प्रॉपर्टी में भी रेट बढ़ाए गए हैं, जहां प्रमुख बाजारों में दरें 5,92,200 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई हैं। कार्नर प्लॉट पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क और रिहायशी प्लॉट को नर्सिंग होम या अस्पताल में बदलने पर 25 से 31.25 प्रतिशत तक अतिरिक्त चार्ज देना होगा। व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासन को अब कई वर्षों तक रेट में बदलाव नहीं करना चाहिए।