चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में बढ़ते अपराधों के बीच ट्रैफिक पुलिस अब पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। लंबे समय तक ढिलाई बरतने के बाद विभाग ने वाहनों की चेकिंग और मैनुअल चालान को लेकर सख्ती शुरू कर दी है, जिसका असर अब शहर की कानून-व्यवस्था पर भी दिखने लगा है।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले 2-3 महीनों तक ट्रैफिक पुलिस ने न तो नियमित चेकिंग की और न ही मैनुअल चालान काटे। अधिकारियों की ओर से भी इस पर नरमी बरती जा रही थी, जिससे असामाजिक तत्वों को खुली छूट मिल गई और शहर में अपराध तेजी से बढ़ने लगे।
हालात तब बदले जब मार्च में लगातार बड़ी घटनाएं सामने आईं—पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग, सेक्टर-9 में चमनप्रीत उर्फ चिन्नी की हत्या और सेक्टर-38 में फायरिंग। इसके बाद गुलाब चंद कटारिया ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। अब शहर में 24 घंटे नाके लगाकर वाहनों की जांच की जा रही है।
23 मार्च से 8 अप्रैल के बीच ट्रैफिक पुलिस ने 6698 मैनुअल चालान किए और 757 वाहन जब्त किए। वहीं 28 मार्च से ड्रंकन ड्राइविंग के खिलाफ अभियान चलाकर 177 चालान काटे गए। पहले जहां रोजाना 3-4 वाहन चोरी के मामले सामने आते थे, अब तीन दिनों में केवल दो मामले दर्ज हुए हैं, जिससे साफ है कि सख्ती का असर दिख रहा है।
पुलिस के अनुसार 1 जनवरी से 22 मार्च तक करीब 81 दिनों तक एक भी मैनुअल चालान नहीं किया गया था। हालांकि अब नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने वालों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।